Posts

Showing posts with the label GS PAPER - II

आंध्र प्रदेश में बनाया जा रहा है देश का प्रथम हाइपरलूप India's first hyperloop to connect twin Amaravati and Vijayawada : timesofindia

Image
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 2 : शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध (खंड – 2 : संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों एवं वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ)    चर्चा में क्यों? हाल ही में आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में देश के प्रथम हाइपरलूप (Hyperloop) का विकास करने के लिये कैलिफोर्निया आधारित हाइपरलूप परिवहन प्रौद्योगिकी (Hyperloop Transportation Technologies -HTT)  के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये गए। प्रमुख बिंदु वर्तमान में राज्य के दो मुख्य शहरों विजयवाड़ा से अमरावती पहुँचने में तकरीबन 1 घंटे का समय लगता है और यदि इस यात्रा के लिये हाइपरलूप तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है तो इस यात्रा को मात्र 6 मिनट में तय किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्ट में सार्वजनिक निजी भागीदारी (Public Private Partnership -PPP) मॉडल का प्रयोग किया जाएगा, जिसके लिये निजी निवेशकों द्वारा फंडिंग की ...

भारत में चिकित्सा प्रौद्योगिकी उद्योग की स्थिति Health tech stymied by low spending, poor infra thehindu

Image
भारत में चिकित्सा प्रौद्योगिकी उद्योग की स्थिति Sep 09, 2017 सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। (खंड-13: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।)    चर्चा में क्यों ?  भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry) और डेलॉइट (Deloitte) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में चिकित्सा प्रौद्योगिकी (Medical technology ) उद्योग भारी वृद्धि की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर हालत कुछ और ही हैं। इस क्षेत्र में डॉक्टर-रोगी अनुपात आवश्यकता से कम है और स्वास्थ्य देखभाल के लिये आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों पर व्यय विश्व के कई देशों की तुलना में कम है।  क्या कहा गया है रिपोर्ट में ?  रिपोर्ट के अनुसार भारत में चिकित्सा प्रौद्योगिकी उद्योग 4.9 अरब डॉलर का है और यह 17 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। भारत चिकित्सकीय उपकरणों का बहुत बड़ा बाज़ार है परंतु इसका पूर्ण उपयोग नही...

निजता से संबंधित समग्र शब्दावली A to Z of Privacy Indian Express

Image
निजता से संबंधित समग्र शब्दावली Sep 09, 2017 सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र - 2 : शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। (खंड – 5 : संसद और राज्य विधायिका - संरचना, कार्य, कार्य संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इससे उत्पन्न होने वाले विषय) (खंड – 6 : कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका) भूमिका सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सेवानिवृत्त न्यायाधीश के. एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ मामले में निर्णय देते हुए निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया गया है। इस लेख के अंतर्गत न्यायालय के उक्त निणर्य के संदर्भ में विचार करते हुए निजता के अधिकार से संबद्ध विभिन्न शब्दावलियों के विषय में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। A : Aadhar (आधार) - यह विश्व का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक प्रोजेक्ट है। अभी तक भारत सरकार द्वारा 1.17 बिलियन भारतीयों के बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय डाटा को...

'निजता' अब मूल अधिकार Privacy is a fundamental right, declares SC

Image
'निजता' अब मूल अधिकार  सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-2 : शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। (खंड-5: संसद और राज्य विधायिका- सरंचना, कार्य, कार्य संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इससे उत्पन्न होने वाले विषय) (खंड-06: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।) भूमिका इतिहास को बनते हुए देखना अपने आप में एक सौभाग्य है और फिर इतिहास रोज़ बनते भी तो नहीं, किन्तु निजता के मामले में उच्चतम न्यायालय की नौ जजों की संविधान पीठ का निर्णय आज़ाद भारत में एक ऐसी ऐतिहासिक घटना है, जो आने वाले दशकों में लोकतंत्र को मज़बूती देने का कार्य करती रहेगी। न्यायालय ने कहा है कि निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, जिसे अनुच्छेद 21 के अंतर्गत सरंक्षण प्राप्त है। दरअसल, इस मामले की सुनवाई के दौरान एटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने कहा था कि निजता एक इलीट अवधारणा है यानी प्राइवेसी खाते-पीते घरों की बात है और...

नदी जोड़ो परियोजना: समग्र विश्लेषण Caution warranted for river-linking project

Image
नदी जोड़ो परियोजना: समग्र विश्लेषण Sep 08, 2017 सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन व्यवस्था संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध (खण्ड-3:विभिन्न घटकों के बीच शक्ति पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान) (खंड- 14 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन) संदर्भ हाल के कुछ दिनों में बिहार, बंगाल, असम, राजस्थान जैसे राज्यों को भीषण बाढ़ से दो-चार होना पड़ा था। नदियों में जलीय अधिशेष को कम करने से बाढ़ से बचाव हो सकता है और इस अधिशेष को उपयुक्त जगह पहुँचाकर सूखे की समस्या से भी निज़ात पाई जा सकती है। यही कारण है कि कई दशकों से नदी जोड़ो परियोजना को अमल में लाने की बात होती रही है। नदी जोड़ो परियोजना एक बार फिर से चर्चा में है क्योंकि केंद्र सरकार जल्द ही 87 अरब डॉलर की एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना आरंभ करने जा रही है। इस नदी जोड़ो परियोजना को बाढ़ और सूखे के हालातों का सामना करने के लिये उपयुक्त माना जा रहा है। नदी जोड़ो परियोजना एक ओर जहाँ संभावनाओं का द्वार खोल सकती है, वहीं दूसरी तरफ यह एक दिवास्वप्न भी...

गौरक्षकों पर नियंत्रण आवश्यक : सुप्रीम कोर्ट Vigil on vigilantes : SC

Image
गौरक्षकों पर नियंत्रण आवश्यक: सुप्रीम कोर्ट Sep 08, 2017 सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: शासन व्यवस्था, संविधान राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध (खंड-12: केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य- निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय)    चर्चा में क्यों? हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गोरक्षा के नाम पर कानून हाथ में नहीं लिया जाना चाहिये और सरकार को इस संबंध में तत्काल उचित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिये। कोर्ट ने आक्रामक हो रहे गोरक्षकों पर कड़ाई से लगाम कसने की ज़रूरत बताई है और इसके मद्देनज़र सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक ज़िले में ऐसे गोरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिये एक नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। नोडल अधिकारी की ज़रूरत क्यों? दरअसल, हाल ही में हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट ...

जल-विद्युत परियोजनाओं में विलंब से भूटान चिंतित Debt, project delays worry Bhutan

Image
जल-विद्युत परियोजनाओं में विलंब से भूटान चिंतित Sep 08, 2017 सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। (खंड-17: भारत एवं इसके पड़ोसी-संबंध।)    चर्चा में क्यों ?  भूटान की अर्थव्यवस्था के लिये जल-विद्युत परियोजनाएँ महत्त्वपूर्ण हैं। भारत और भूटान के बीच जल-विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिये साझेदारी है। लेकिन कुछ कारणों से ये परियोजनाएँ निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो पाई हैं। नई दिल्ली में आयोजित दो-दिवसीय भारत-भूटान वार्ता सम्मेलन में भूटान के वरिष्ठ विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस संबंध में चिंता व्यक्त करते  हुए भारत का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है।  प्रमुख बिंदु भूटान के अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं में हो रहे विलंब से उसका ऋण भार बढ़ता जा रहा है। अतः किसी नई परियोजना पर कार्य आरंभ करने से पहले इन लंबित पड़ी जल-विद्युत परियोजनाओं - मांगदेछु (Mangdechhu), पुनात्संग्छु -1 और 2  (Punatsangchhu-1 and 2) को पहले पूरा किया जाए।  ...

State laws repugnant to IBC are void : SC नए दिवालियापन कानून को बाधित करने वाले प्रावधान अमान्य सुप्रीम कोर्ट

Image
नए दिवालियापन कानून को बाधित करने वाले प्रावधान अमान्य Sep 08, 2017 सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र -2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। (खंड-3 : विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।)    चर्चा में क्यों ?  सर्वोच्च न्यायालय के एक खंडपीठ ने दिवालिया और दिवालियापन संहिता-2016 (Insolvency and Bankruptcy Code-2016) को 'कारोबार को आसान बनाने' में सुधार करने के उद्देश्य से एक प्रभावी कानूनी रूपरेखा बताते हुए कहा है कि नए दिवालियापन कानून को बाधित करने वाले राज्य के अधिनियमों के प्रावधानों को शून्य घोषित कर दिया जाएगा।  क्या था मामला ?  सर्वोच्च न्यायालय ने इन्नोवेंटिव इंडस्ट्रीज़ (Innoventive Industries) की एक अपील को खारिज़  करते हुए ऐसा कहा है।  गौरतलब है कि इन्नोवेंटिव इंडस्ट्रीज़ ने आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) द्वारा दायर आईबीसी के तहत अपने विरुद्ध दिवालिया कार्यवाही को रोकने की अपील की थी।  सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 88 ...

The Rise of Napoleon नेपोलियन का उदय

Image
The Rise of Napoleon ( नेपोलियन का उदय ) अनुक्रम (INDEX)      3.2 . 1 नेपोलियन : परिचय (Introduction)      3.2.2 उदय की परिस्थियाँ (Circumstances)      3.2.3 नेपोलियन के कार्य / सुधार (Reforms)      3.2.4 महाद्वीपीय व्यवस्था ( Continental System)      3.2.5 नेपोलियन का पतन (Fall of Napoleon)       3.2.6 वियना कांग्रेस / यूरोपीय व्यवस्था 1815 3.2 . 1   नेपोलियन : परिचय (Introduction)          नेपोलियन बोनापार्ट (15 अगस्त 1769 - 5 मई 1821) फ्रान्स की क्रान्ति में सेनापति, 11 नवम्बर 1799 से 18 मई 1804 तक प्रथम कांसल के रूप में शासक और 18 मई 1804 से 6 अप्रैल 1814 तक नेपोलियन I के नाम से सम्राट रहा। वह पुनः 20 मार्च से 22 जून 1815 में सम्राट बना। वह यूरोप के अन्य कई क्षेत्रों का भी शासक था।         इतिहास में नेपोलियन विश्व के सबसे महान सेनापतियों में गिना जाता है। उसने एक फ्रांस में एक नयी विधि संहिता लागू की जिसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है। ...